कंगारू से जीत दिलाने वाले रयान बर्ल की कहानी :- कभी जूते खरीदने के पैसे नहीं थे
रेयान बर्ल के संघर्ष की कहानी :- कभी जूते खरीदने के पैसे नहीं थे ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराकर हीरो बना जिम्बाब्वे का खिलाड़ी।
जिम्बाब्वे ने शनिवार को ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मैदान पर हराया और इतिहास रच दिया। यह जिम्बाब्वे टीम की ऑस्ट्रेलिया के मैदान पर पहली जीत है। इस जीत में जिंबाब्वे के खिलाड़ी रेयान बर्ल अहम भूमिका निभाई। बल ने 3 ओवर में सिर्फ 10 रन दिए और 5 विकेट अपने नाम कर लिए। एक समय ऐसा भी था जब बल के पास पहनने के लिए जूते नहीं थे। वहां हर चीज की शुरुआत में अपने जूतों पर ग्लू चिपकाया करते थे।
रेयान पोंसॉन्बी बर्ल एक जिम्बाब्वे के क्रिकेटर हैं, जो राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हैं, जिन्होंने फरवरी 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया।
जन्म की तारीख और समय: 15 अप्रैल 1994 (आयु 28 वर्ष), मारोंडारा, ज़िम्बाब्वे
बल्लेबाज़ी की शैली: खब्बू
टीम में शामिल होने की तारीख: 16 फ़रवरी 2017 (ज़िम्बाब्वे क्रिकेट टीम),
मौजूदा टीमें: ज़िम्बाब्वे क्रिकेट टीम (हरफनमौला)
रयान ने 2021 में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर स्पॉन्सरशिप की मांग की थी
रेयान बर्ल एक बार अपने फटे जूते की फोटो शेयर करते हुए स्पोर्ट्स शूज बनाने वाली एक बड़ी कंपनी से स्पॉन्सरशिप मांगी थी।
उन्होंने ट्वीट कर लिखा था, ' कोई मौका है हमें स्पॉन्सर मिल सकता है जिससे हमें हर सीरीज के बाद अपने जूते को चिपकाने के लिए ग्लू की जरूरत ना पड़े। बर्ल को इतने पैसे नहीं मिलते थे कि वह हर सीरीज के बाद नए जूते ले सके। वह एक ही जूते से तब तक खेलते हैं जब तक उसकी स्थिति ऐसी हो जाए कि मरम्मत नहीं हो सकती।
इस पोस्ट के बाद पूमा कंपनी बर्ल की मदद के लिए सामने आई थी। पूमा कंपनी ने ट्वीट करके लिखा था "अब ग्लू को साइड करने का समय आ गया है " इसके बाद 24 मई को पूमा ने ट्वीट करके बताया था कि जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों के लिए किट पहुंच गई है। 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार जिंबाब्वे के क्रिकेट बोर्ड सालाना 113 करोड रुपए की आय ही अर्जित करता है, टेस्ट मैच खेलने वाले देशों में ये सिर्फ श्रीलंका, आयरलैंड और अफगानिस्तान से भी कम हैं
रेयान बर्ल बाएं हाथ के बल्लेबाज है। साथ ही पार्ट टाइम लेग स्पिनर हैं, लेकिन उन्होंने तीन मैचों की सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया है। इस मैच में मिचेल स्टार्क ने अपने करियर का 200वां विकेट भी हासिल किया। वह ऐसा करने वाले दुनिया के सबसे तेज खिलाड़ी बन गए हैं। स्टार्क ने यह रिपोर्ट सिर्फ 102 मैचों में बनाया और पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज सकलेन मुश्ताक ने 200 विकेट लेने के लिए 104 वनडे मैच का समय दिया था।



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